मोटापा (Obesity) क्या है ? कारण, लक्षण और कम करने के उपाय | Motapa Obesity ? Causes, Symptoms and How to Reduce Obesity.

मोटापा क्या है ?

Motapa (Obesity) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इससे मेटाबॉलिज्म, हाई ब्लडप्रेशर, हाई ब्लड शुगर और खराब रक्त लिपिड प्रोफाइल जैसी समस्याएं आने लगती हैं और धीरे-धीरे आपका स्वास्थ्य खराब होने लगता है। नॉर्मल लोगों की अपेक्षा मोटे लोगों में किसी भी बीमारी का खतरा दोगुना हो जाता है।

Motapa (Obesity) बहुत से रोगों से जुड़ा हुआ है, जैसे हृदय रोग, मधुमेह, निद्रा कालीन श्वास समस्या, कई प्रकार के कैंसर और अस्थिसंध्यार्ति मोटापे का प्रमुख कारण अत्यधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन, शारीरिक गतिविधियों का अभाव, आनुवांशिकी का मिश्रण हो सकता है। हालांकि मात्र आनुवांशिक, चिकित्सकीय या मानसिक रोग के कारण बहुत ही कम संख्या में पाये जाते हैं।

Motapa (Obesity) के कारण कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं जिनमें टाइप 2 डायबिटीज, हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (उच्च कोलेस्ट्रॉल, गैस्ट्रोओस्फोजियल रिफ्लक्स डिजिज (जीईआरडी), उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, अवसाद, जोड़ों की ओस्टियोआर्थराइटिस, जोड़ों का दर्द, स्लीप एपनिया और श्वसन समस्याएं, यूरिनरी स्ट्रेस इंकांटिनेंस, अस्थमा और फेफड़ों की समस्याएं और प्रजनन संबंधी समस्याएं।

स्वस्थ रहने के लिए वजन का नियंत्रित रहना बहुत जरूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कितना वजन आपकी लंबाई के हिसाब से होना चाहिए जो आपको पूरी तरह फिट होने का मापदंड हो। इसके लिए जरूरी है आपके बॉडी मास इंडेक्स (BMI) यानी बीएमआई स्तर की जानकारी।बीएमआई यानी आपके शरीर का वजन और लंबाई का रेशियो। इसे जानने का एक सिंपल फॉर्मूला है। बॉडी मास इंडेक्स (BMI) बीएमआई के आधार पर यह पता लगा सकते हैं ।

बॉडी मास इंडेक्स (BMI) एक मापदंड है जो आपकी लंबाई की तुलना आपके वजन से करता है एवं इस मापदंड की मदद से आप यह जान पाते हैं कि आप मोटे हैं, पतले हैं या सामान्य वजन के हैं। BMI की गणना से जुडी जानकारी को पाने के लिए, नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

फार्मुला है- बीएमआई = वजन (किलोग्राम) / (ऊंचाई X ऊंचाई (मीटर में))। अब मान लीजिए आपका वजन 60 किलो है और लंबाई 5.8 फीट यानी 1.76784 मीटर है। तो इसका बीएमआई
ऐसे निकालें- 60/ 1.76784 X 1.76784। जो रिजल्ट आएगा वही आपका बीएमआई होगा।

बी एम आई = भार (किलोग्राम में) / ऊंचाई (मीटर में) 

भार/लंबाई अनुपातवर्गीकरण
< 18.5कम भार
18.5–24.9सामान्य भार
25.0–29.9अधिक भार
30.0–34.9श्रेणी-1 मोटा
35.0–39.9श्रेणी-2 मोटा
> 40.0श्रेणी-3 मोटा  
  • यदि आपका बीएमआई (BMI) 18 से कम है, इसका मतलब है कि आप पतले हैं।
  • यदि आपका बीएमआई (BMI) 18.5 से कम है, इसका मतलब है कि आपका वजन आपके कद के मुकाबले कम है।
  • यदि आपका बीएमआई (BMI) 18.6 व 24.9 के बीच है, इसका मतलब है कि आपका वजन सामान्य है।
  • यदि आपका बीएमआई (BMI) 25 व 29.9 के बीच है, इसका मतलब है कि आपका वजन आपके कद के मुकाबले ज्यादा है।
  • 30 या उससे अधिक का बीएमआई (BMI) मोटापे को इंगित करता है। अगर आप मोटापे से ग्रस्त हैं, तो एक चिकित्सक की सलाह लें या अपने वजन को घटाएं।

वजन क्यों बढ़ता है ? कारण

Motapa (Obesity) के कई कारण हो सकते है। इनमें से प्रमुख है:-

अपर्याप्त नींद :- हेल्दी रहने के लिए ही नींद पर्याप्त मात्रा में लेना आवश्यक नहीं है, बल्कि यह आपके वजन से भी जुड़ा हुआ है। जो लोग आठ घंटे से कम सोते हैं, उन्हें अत्यधिक मात्रा में भूख लगती है। दरअसल, कम सोने से भूख को दबाने वाला हार्मोन लेप्टिन बढ़ जाता है। जिससे व्यक्ति को बार−बार भूख लगती है। खासतौर से, रात के समय जब व्यक्ति जाग रहा होता है तो उसे भूख अधिक लगती है और वह कुछ न कुछ अनहेल्दी खा लेता है।

इस समस्या से निपटने के लिए एक बेहतरीन स्लीप हाईजीन को फॉलो करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए सोने से दो घंटे पहले भोजन कर लें। साथ ही टीवी व अन्य इलेक्ट्रिक डिवाइस को भी बेडरूम से दूर रखें। इतना ही नहीं, जहां तक हो, सोने से पहले कैफीन युक्त पेय पदार्थ का सेवन करने से परहेज करें। इससे नींद में बाधा उत्पन्न होती है।

दवाईयों का सेवन :- चूंकि आजकल लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी शारीरिक समस्या से ग्रस्त है और उस समस्या के निवारण के लिए लोग तरह−तरह की दवाईयों का सेवन भी करते हैं। लेकिन कभी−कभी कुछ दवाईयों जैसे स्टेयारड, बर्थकंट्रोल पिल्स, डायबिटीक दवाईयां व डिप्रेशन की दवाईयों के साइड इफेक्ट के रूप में वजन बढ़ना शुरू हो जाता है। इसलिए अगर आपको ऐसा लगता है कि किसी दवाई का लगातार सेवन करने से आप मोटापे की जद में आ रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।

धूम्रपान छोड़ना :- यह बात तो हम सभी जानते हैं कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और जितना जल्दी हो सके, इस आदत से निजात पा लेना चाहिए। लेकिन शायद आपको इस बात की जानकारी न हो लेकिन स्मोकिंग छोड़ने के बाद कुछ लोगों का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इस समस्या से बचने का एक आसान तरीका है कि जब भी आप स्मोकिंग को अलविदा कहें तो उसके साथ−साथ अपने आहार व व्यायाम पर पर्याप्त ध्यान दें ताकि वजन बढ़ने न पाए। इसके अतिरिक्त कई बार कुछ मेडिकल कंडीशन भी वजन बढ़ने की वजह बन जाती है। इस स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहद आवश्यक है।

आवश्यकता से अधिक तनाव :- वर्तमान समय में, तनाव हर किसी व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बन चुका है। लेकिन अगर तनाव आवश्यकता से अधिक बढ़ जाए तो इससे कोर्टिसोल का स्तर भी बढ़ जाता है। एक स्टडी के मुताबिक, कोर्टिसोल का उच्च स्तर व फैट मास का आपस में गहरा नाता है। कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन कई तरह की समस्याएं पैदा करने के साथ−साथ वजन भी बढ़ाने का काम करता है। इसलिए जहां तक संभव हो, स्ट्रेस फ्री रहने की कोशिश करें।

Motapa (Obesity) और शरीर का वजन बढ़ना, ऊर्जा के सेवन और ऊर्जा के उपयोग के बीच असंतुलन के कारण होता है।

अधिक चर्बीयुक्त आहार का सेवन करना भी Motapa (Obesity) का कारण है।

कम व्यायाम करना और स्थिर जीवन-यापन मोटापे का प्रमुख कारण है।

असंतुलित व्यवहार औऱ मानसिक तनाव की वजह से लोग ज्यादा भोजन करने लगते हैं, जो मोटापे का कारण बनता है।

शारीरिक क्रियाओं के सही ढंग से नहीं होने पर भी शरीर में चर्बी जमा होने लगती है।

बाल्यावस्था और युवावस्था के समय का मोटापा व्यस्क होने पर भी रह सकता है।

कई लोग दिन मे खाना खाने के बाद सोने की आदत रखते हैं, इससे मोटापा आने की संभावना और बढ जाती है।

हाइपोथाइरॉयडिज़्म (अवटु अल्पक्रियता)

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लक्षण

Motapa (Obesity) शारीरिक और मानसिक स्तर पर जीवन में कई सारे परिवर्तन लाता है। जिनके कारण व्यक्ति में इसके लक्षण परिलक्षित होते हैं। किन्तु कई बार लोग इन्हें महत्त्व नहीं देते और इसके बारे में कोई चिकित्सकीय परामर्श नहीं लेते जो आगे चलकर उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

Motapa (Obesity) के प्रमुख्य लक्षण निम्न प्रकार से हैं। :

सांस फूलना – बार-बार साँस फूलने की समस्या का होना मोटापे का लक्षण है जो कई कारणों से हो सकता है और कई रोगों का कारण बनता है।

पसीना में वृद्धि – अचानक से बार-बार पसीना आना और वह भी बहुत, यह दर्शाता है कि व्यक्ति मोटापे से ग्रसित है।

खर्राटे – आमतोर पर मोटापे से बेहाल लोगों को नींद में बहुत खर्राटे लेते देखा जा सकता है मोटापा बढ़ने के साथ-साथ यह समस्या और भी बढ़ती जाती है। 

शारीरिक गतिविधि के साथ सामंजस्य करने में अचानक असमर्थता का   अनुभव करना – सामान्य रूप से कोई भी शारीरिक गतिविधि करने में असमर्थ होते जाने का संबध भी मोटापे से है और ये मोटापे का सबसे प्रमुख्य लक्षण भी हैं।

प्रतिदिन बहुत थकान महसूस करना- आमतौर पर बिना किसी अतिरिक्त कार्यभार के लगातार थकान का अनुभव करना भी मोटापे का ही एक लक्षण है।

पीठ और जोड़ों में दर्द – मोटापे की समस्या से ग्रसित लोगों में पीठ और जोड़ों के दर्द सामान्य रूप से देखा जा सकता है।

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आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में कमी का अनुभव – शारीरिक समस्याओं के कारण किसी भी काम को करने की क्षमता में कमी आ जाती है और स्वयं पर विश्वास भी नहीं होता जिसके चलते आत्मसम्मान में भी कमी आ जाती है।

अकेला महसूस करना – मोटापे में अकेलापन अनुभव करना एक आम बात है। शारीरिक परिवर्तनों के चलते लोग स्वयं को सबसे अलग और एकाकी महसूस करते हैं।

मोटापे से बचाव

Motapa (Obesity) के उपचार के लक्ष्य तक पहुँचने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए उचित शारीरिक भार को बनाये रखने के लिए और मोटापे से बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाना आवश्यक है। भार घटाने से सम्बंधित सभी कार्यक्रम व्यक्ति के भोजन की आदतों में परिवर्तन और शारीरिक गतिविधियों में वृद्धि को ही महत्त्व देते हैं किन्तु यह पूर्ण रूप से सम्बंधित व्यक्ति की इच्छा पर ही निर्भर करते हैं।

कुछ भोजन और फल ऐसे भी हैं जिन्हें अपनी डाइट में शामिल कर के शरीर में जमी अत्यधिक वसा को कम किया जा सकता है| इसके लिए भोजन में कम कैलोरी वाला खाना शामिल करें और खाने में फाइबर की मात्रा ज्यादा होनी चाहिए| अगर खाने में फाइबर की मात्रा ज्यादा होगी तो आपका पेट भरा भरा रहेगा और भूख भी जल्दी नहीं लगेगी जिससे आपके शरीर का वजन कम होने में सहायता मिलेगी|

Motapa (Obesity) से बचने के उपायों में शामिल हैं।

  • आहार में परिवर्तन
  • व्यायाम और गतिविधि
  • व्यवहार में बदलाव
  • भार घटाने की दवाएं
  • मेनोपोज़ के दौरान, बढ़ने वाले शारीरिक भार से बचने के लिए, डॉ.पंकज नरम द्वारा बताये गए आहार एवं व्यायाम से संबंधित उपाय।
  • इन उपायों को यदि न अपनाया जाए तो मोटापे की चिकित्सा के अंतर्गत भार घटाने के लिए सर्जरी ही अंतिम पड़ाव है। – डॉ.मुफ्फज़ल लकड़ावाला,बेरिएट्रिक सर्जन.
  • पढ़ें – मोटापा कम करने के 10 घरेलू उपाय {आयुर्वेदिक नुस्खे}
  • डाइट प्लान – आप हमेशा अपना डाइट प्लान बनाकर चले जिससे की आप अपना मोटापा नियंतरण में रख सके।

मोटापे का परीक्षण | Test for Obesity

रक्त परीक्षण | Blood Tests – ऐसे कई परीक्षण हैं जो किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य, जोखिम कारकों और वर्तमान लक्षणों का विश्लेषण करने में मदद करते हैं जो मोटापे का संकेत हो सकता है। कुछ सामान्य रक्त परीक्षणों में कोलेस्ट्रॉल परीक्षण, लिवर फंक्शन टेस्ट, फास्टिंग ग्लूकोस और थायरॉयड परीक्षण शामिल हैं। एक चिकित्सक दिल से संबंधित कुछ परीक्षणों की भी सिफारिश कर सकता है, जैसे कि एक इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम जो मोटापे के कारण हृदय संबंधी बीमारी के विकास के जोखिम की जांच करता है।

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बीएमआई की गणना | Calculating BMI – बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) मोटापे के स्तर को निर्धारित करता है। बीएमआई एक संपूर्ण स्वास्थ्य जोखिम को निर्धारित करने में भी मदद करता है और इस समस्या को ठीक करने के लिए कौन सा उपचार उचित हो सकता है।

मोटापा का इलाज

  • कम कैलोरी का उपयोग करना|
  • बढ़ती गतिविधि और नियमित रूप से व्यायाम|
  • सामान्य तौर पर वजन घटाने की सर्जरी (जिससे वैरीएट्रिक सर्जरी कहते है) पर विचार किया जा सकता है| यदि आपकी बीएमआई 30-35 या अधिक है|

मोटापा की आयुर्वेदिक दवा और इलाज

आयुर्वेद के मुताबिक मानवर शरीर कफ-पित्त और वात से संचालित होता है। जब भी इनमें आपसी संतुलन बिगड़ता है मानव शरीर बीमारियों का शिकार होता है। इसलिए वजन घटाने के लिए अगर आप आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाना चाहते हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा। कफ-पित्त और वात्त त्रिदोष कहे जाते हैं। अगर एक में भी संतुलन बिगड़ा तो वजन बढ़ने के अलावा शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है।  आज हम आपको बता रहे हैं वजन कम करने के लिए 5 बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधियां जिन्हें इस्तेमाल कर आप अपने वेट को कंट्रोल में रख सकते हैं। 

पतंजलि दिव्य मेदोहर वटी

दिव्य मेदोहर वटी पतंजलि की आयुर्वेदिक दवा है जो पेट अंदर करने के इलावा पाचन शक्ति को भी दरुस्त करने में कारगर है। ये मेडिसिन आप अपने आसपास किसी बाबा रामदेव पतंजलि के स्टोर से ले सकते है। Divya Medohar Vati पुरे शरीर का WeightLoss करने की बजाय पेट की चर्बी कम करने में ज्यादा असरदार दवाई है।

त्रिफला और गुग्गुल (गुग्गल) इस दवा के प्रमुख सामग्री में से एक है। त्रिफला Motapa (Obesity) कम करने की आयुर्वेदिक दवाई है जो वसा पचाने की प्रक्रिया में सुधार लाती है।

गुग्गल भी त्रिफला की तरह पेट की चर्बी घटाने और वजन कम करने में मदद करती है। Divya Medohar Vati में कुछ और भी औषधियां मौजूद है जो शरीर में वसा जमा नहीं होने देती और साथ ही फैट लॉस की प्रक्रिया को दरुस्त करने में मदद करते है।

पतंजलि दिव्य मेदोहर वटी के फायदे

  • ये दवा हार्मोन्स को संतुलन में रखने में मदद करती है।
  • पेट कम के इलावा ये आयुर्वेदिक दवा भूख भी नियंत्रित करती है।
  • ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल करने में मदद मिलती है।
  • मेदोहर वटी एक हर्बल मेडिसिन है जिससे वजन कम करने के इलावा ताक़त भी मिलती है।
  • गर्भवती महिला की डिलीवरी के बाद अक्सर वजन बढ़ जाता है और ऐसे में ये वजन कम करने की दवाई काफी सहायक हो सकती है।

इस दवा की खुराक प्रयोग करने वाले के वजन और उसकी उम्र के अनुसार दी जाती है। बच्चों के लिए एक से दो गोली, नोजवानों के लिए दो से तीन गोलियां और वृद्ध लोग एक से दो टेबलेट दिन में दो बार ले सकते है। पतले होने के लिए दिन में तीन बार दो से तीन गोली ले सकते है।

जल्दी पेट अंदर करने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह ले कर ही इस दवाई का सेवन शुरू करे। आप की उम्र और शारीरिक श्रम की जानकारी ले कर वो आपको सही से बताएंगे की आपको वटी टॅबलेट की कितनी गोली खानी चाहिए।

पेट कम करने के लिए आप इस दवा को भोजन के बाद या फिर भोजन से पहले कभी भी ले सकते है। अगर खाना खाने से पहले दवा ले तो कम से कम 1/2 घंटा पहले और अगर खाना खाने के बाद लेना चाहे तो 1 घंटा बाद ही दवा ले। इस वेट लॉस पतंजलि मेडिसिन को गरम पानी से लेने पर अच्छे परिणाम मिलते है।

भोजन से पहले कुछ लोगो को ये दवा लेने पर पेट से संबंधित कुछ परेशानी आने लगती है। अगर आपको भी कोई परेशानी आये तो भोजन करने के बाद ही इस दवा का सेवन करे।

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गुग्गुल

गुग्गुल वजन कम करने के लिए एक शानदार आयुर्वेदिक नुस्खा माना जाता है। यह फैट कम करने में मदद करता है। साथ ही मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है जिससे वजन नहीं बढ़ता है। गुग्गुल के सेवन से शरीर की पाचन क्रिया सही रहती है और वजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। गुग्गुल को रोजाना गर्म पानी के साथ लेने से पाचन ठीक होता है।

त्रिफला चूर्ण

आप ज्यादा चर्बी या मोटापे से परेशान है, तो त्रिफला का सेवन करे। त्रिफला चूर्ण बहेड़ा ,आंवला और हरड़ से बनता है। इसलिए इसे त्रिफला चूर्ण कहा जाता है यानी तीन चूर्ण का मिश्रण। ये तीनों चीजें शरीर के लिए बहुत लाभदायक होते हैं । त्रिफला  किसी भी आयुर्वेदिक दुकान में मिलता है।  यह कब्ज से राहत दिलाता है, हाजमे की शक्ति को ठीक करने के साथ मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और  शरीर के टॉक्सिक तत्वों को बाहर निकालता है। जानकारों के मुताबिक हर रात को त्रिफला का चूर्ण गर्म पानी में भिगोकर रखने और सुबह शहद के साथ पीने से वजन तेजी से घटता है। इसका असर आपको सिर्फ एक हफ्ते में ही दिखने लगेगा।

दालचीनी

दालचीनी का इस्तेमाल अमूमन हर घर के किचन में होता है। यह सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाती बल्कि वजन कम करने में भी मददगार है। दालचीनी का सेवन करने से मोटापा दूर होता है। इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो दालचीनी की चाय का सेवन करें। Motapa (Obesity) घटाने के लिए आप दालचीनी को भी अपने डेली रुटीन में शामिल कर सकते हैं। दालचीनी लगभग हर घर के किचन में इस्तेमाल की जाती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करता है जिससे शरीर के वजन घटाने में मदद मिलती है। दालचीनी की चाय में कैलोरीज नहीं होती और यह शरीर में मौजूद कैलोरीज को कम करने में मददगार साबित होती है। रोजाना दालचीनी की चाय का सेवन करने से आपके शरीर का फैट तेजी से घटता है। 

एलोवेरा

एलोवेरा बेहद गुणकारी है। इसके सेवन से आप अपना Motapa (Obesity) तेजी से कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं एलोवेरा से आप किस प्रकार Motapa (Obesity) कम कर सकते हैं। एलोवेरा के तमाम फायदे हैं। एलोवेरा का जेल,जूस या स्मूदी वजन घटाने का रामबाण उपाय माना जाता है। एलोवेरा को बीच से काटकर इसका जेल आसानी से निकाला जा सकता है। एलोवेरा में मल्टी विटामिन, लवण, एंजाइम, कार्बोहाइड्रेट, अमीनो एसिड, सेलिसिलिक एसिड और कई दूसरे पोषक तत्व यानी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं जो Motapa (Obesity) कम करने में मददगार साबित होते हैं। यह शरीर के यह जहरीले तत्वों को निकालता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है जिससे पाचन क्रिया ठीक होती है और वजन तेजी से घटना है। 

ग्रीन कॉफ़ी

ग्रीन कॉफ़ी में कई गुणकारी एंटी-ओक्सिडेंट होते है जो Motapa (Obesity) के साथ-साथ सेहत के लिए बहुत अच्छे होते है. शोध में भी यह बात सामने आई है की रोजाना 200 से 400 MG तक ग्रीन कॉफ़ी का सेवन करना चाहिए. अगर आप Motapa (Obesity) कम करने के लिए डाईट का सही से पालन कर पा रहे है तो आप ग्रीन कॉफ़ी का सेवन करना शुरू कर दीजिये.

ग्रीन कॉफ़ी में भरपूर मात्रा में केल्प एक प्रकार का समुंद्री खरपतवार होता है जिसमे प्रचुर मात्रा में खनिज और विटामीन पाए जाते है. यह शरीर के मेटाबालिज्म को बढाता है जिससे शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी और कैलोरी को कम किया जा सकता है, जिससे Motapa (Obesity) कण्ट्रोल में रहता है.

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मोटापा कम करने के लिए 5 योगासन

जल्दी वेट लॉस के लिए घरेलू उपाय और अच्छी डाइट के साथ साथ सही तरीके से व्यायाम करना भी ज़रूरी है। तोंद कम करने के लिए रोजाना कसरत करने के इलावा आप कुछ ऐसे योगासन भी कर सकते है जो Motapa (Obesity) घटाने और पेट अंदर करने में कारगर है। योगा करने के फायदे तो आप जानते ही होंगे, नियमित रूप से योगा का अभ्यास करे तो भविष्य में होने वाले कई तरह के रोगों से बच सकते है और अगर आप किसी रोग से ग्रस्त हो तो भी उसके इलाज में योगा करने से मदद मिलती है। Motapa (Obesity) कम करने के लिए योग आसान से पेट की चर्बी कैसे कम करे ? Weight Loss Yoga Tips in Hindi.

अगर आप पहली बार योगासन कर रहे है तो यहाँ बताये गए योगा से पेट कम करने के उपाय किसी योग गुरु की देख रेख में करे ताकि आप योग करने का सही तरीका जान सको और किसी भी प्रकार की चोट से बचे रहे।

1. सेतु बंधा योगासन | Setu Bandhasana

इस योगासन को करने के लिए पहले पीठ के बल लेटे फिर अपने दोनों घुटनों को मोड़ें और पैर की तलियां ज़मीन पर टिकाए। अब अपनी दोनों बाहों को ज़मीन से लगा कर रखे, ध्यान रहे आपकी हथेलियां ज़मीन पर ही टिकी हो। अब सांस छोड़ते हुए अपनी कमर को ज़मीन से ऊपर उठाये और हथेलियां और पैर उसी अवस्था में रहे। अब इस अवस्था में तीस सेकंड तक बने रहे फिर धीरे धीरे नॉर्मल अवस्था में आए।

सेतु बंधा योगासन के फायदे

  • कई बार गलत तरीके से उठने बैठने से कमर एक और झुक जाती है। सेतु बंधा आसन योग रीढ़ की हड्डी को सीधा बनाए रखने में कारगर है जिससे कमर को ताक़त मिलती है।
  • अगर आप कमर और पेट कम करने के लिए योग आसन करना चाहते है तो हर रोज सेतु बंधा योग आसन करने से काफ़ी मदद मिलेगी।
  • इस आसान से गर्दन का तनाव भी दूर होता है।
  • सेतु बंधा योगा से जांघों और पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।

सावधानियां

हाइ ब्लड प्रेशर से प्रभावित लोगों को सेतु बँधा आसन नहीं करना चाहिए।

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2. कपालभाती योगासन | Kapalbhati

इस प्राणायाम को करने के लिए खुले और शांत वातावरण में बैठे और नाक से सांसो को बाहर की और छोड़े। सांस बाहर फेंकते वक़्त पेट अंदर बाहर होता है। एक बात का ध्यान रहे की सांस अंदर नहीं लेना बाहर छोड़ना है। प्रतिदिन आधा घंटा सुबह और शाम खाली पेट इसे करने से जल्दी Motapa (Obesity) कम करने में मदद मिलती है। पेट अंदर करने के लिए योग में कपालभाती प्राणायाम बहुत फायदेमंद है।

कपालभाती योग के फायदे

  • पेट की चर्बी कम करने और वजन घटाने में कपालभाती प्राणायाम रामबाण का काम करता है। इसके इलावा हर रोज ये आसान करने से कब्ज, एसिडिटी और गैस की समस्या भी दूर होती है।
  • याददाश्त बढ़ती है और मन के नकारात्मक विचार दूर होते है।
  • गले और साँस की नली साफ़ होती है और कफ ख़तम होती है।
  • आँखों के नीचे काले घेरे दूर करने, चेहरे की झुर्रियां हटाने और चेहरे की खोयी हुई चमक लौटने में ये योग क्रिया काफी मदद करती है।

सावधानियां

  • सुबह के वक़्त खाली पेट ही ये प्राणायाम करे और अगर हो सके तो सुबह पेट साफ़ होने के बाद करे।
  • भोजन करने के बाद कपालभाती ना करे, अगर कुछ खाया हुआ है तो खाने के पांच घंटे बाद करे।
  • योग करने के बाद आधा घंटे कुछ खाए पिए नहीं, थोड़ा पानी पी सकते है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को ये योग क्रिया नहीं करनी चाहिए।
3. बालासन योगासन | Balasan

बालासन योग करने के लिए सबसे पहले आप घुटनों के बल बैठ जाए और ख्याल रहे आप का पूरा वजन एड़ियों पर ही आए। अब आप सांस लेते हुए आगे की और झुक जाये, अब इस अवस्था में आपकी छाती जांघों को छुनी चाहिए और सिर आगे फर्श पर लगना चाहिए। कुछ देर इसी मुद्रा में रहे फिर वापिस आए। इस आसन को पांच से सात बार दोहराए।

बालासन योग के फायदे

  • अगर आपको अपनी तोंद अंदर करनी है तो बालासन को हर रोज करे.
  • पेट अंदर करने के लिए बालासन योग रोजाना दस मिनट करे। इस व्यायाम से पेट की मांसपेशियां भी मजबूती होती है।

सावधानियां

  • सुबह के वक़्त खाली पेट ही ये प्राणायाम करे और अगर हो सके तो सुबह पेट साफ़ होने के बाद करे।
  • भोजन करने के बाद कपालभाती ना करे, अगर कुछ खाया हुआ है तो खाने के पांच घंटे बाद करे।
  • योग करने के बाद आधा घंटे कुछ खाए पिए नहीं, थोड़ा पानी पी सकते है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को ये योग क्रिया नहीं करनी चाहिए।
4. अनुलोम विलोम प्राणायाम | Anulom Vilom Pranayam

कपालभाती की तरह अनुलोम विलोम पेट कम करने के लिए प्राणायाम है। इसे करने के लिए पलाथी मार के बैठ जाये और अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखे। अब आप बाए हाथ के अंगूठे से एक तरफ की नाक को बंद करे और दूसरी तरफ से सांस अंदर की और खिंचे, इसके बाद उसी हाथ के अंगूठे से अपनी दूसरी तरफ की नाक बंद करे और पहली नाक से सांस बाहर छोड़े। अनुलोम विलोम की इस क्रिया को एक बार में दस से बारह बार दोहराए।

  • इस प्राणायाम को नाड़ी शोधन प्राणायाम से भी जानते है। ये आसान शरीर में रक्त का प्रवाह ठीक करता है।
  • योगा से पेट कम करने के उपाय में अनुलोम विलोम प्राणायाम काफी उपयोगी है।
5. नौकासन योगासन | Naukasana

नौकासन करने के लिए आप सबसे पहले पीठ के बल निचे लेट जाए फिर अपनी एड़ी और पंजे मिलाये और दोनों हाथ भी कमर से सटा कर रखे। अब अपने दोनों पैर, हाथ और गर्दन को धीरे-धीरे एक साथ समानांतर क्रम में ऊपर उठाए। इस अवस्था में शरीर का वजन नितंभ पर आना चाहिए। तीस सेकंड इसी पोज़िशन में रुकने के बाद फिर से पहले वाली पोज़िशन में आये और लेट जाए। इस आसान को चार से पांच बार दोहराये।

नौकासन योगासन के फायदे

  • हर्निया के रोग का इलाज करने में ये फायदा करता है।
  • ये आसन छोटी आंत, बड़ी आंत और पाचन क्रिया में फायदा करती है।
  • पेट कम करने का योगा में नौकासन योग करना काफी लाभदायक है।

सावधानियां

  • पेट से संबंधित कोई गंभीर रोग है तो ये योगासन ना करे।
  • गर्भवती महिलाओ को भी ये योगा आसन नहीं करना चाहिए।
  • जिन लोगों को स्लिप डिस्क की शिकायत है उन्हें भी ये आसान नहीं करना चाहिए।

मोटापा कम करने के उपाय | वजन कम करने के उपाय

Motapa (Obesity) कम करना एक बहुत बड़ा चैलेंज है खासतौर पर तब, जब शरीर का वजन असंतुलित हो जायें। ऐसी हालत में वजन कम करने के थका देने वाले शेड्यूल से भी कोई फायदा नहीं होता है। हर कोई स्‍लीम फिट होने के लिए शॉर्टकट लेना चाहता है, चाहें उसका कोई फायदा ही ना हो।

वर्तमान जीवनशैली को देखते हुए आजकल लोग कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त है जिसमें Motapa (Obesity) एक ऐसी गंभीर समस्या है जिससे अधिकांश लोग पीड़ित है। मोटापे का असर सिर्फ पेट या कमर पर ही नही पड़ता बल्कि धीरे-धीरे इसकी चपेट में शरीर के बाकी अंग भी आ जाते है।

जब शरीर पर चर्बी अधिक बढ़ने लगे तो समझो आप में Motapa (Obesity) का लक्षण दिखना शुरू हो गया। तेज़ी से बदलती जीवनशैली में गलत तरह का खान-पान और रहन-सहन आदि वजहों से पेट बाहर निकल आता है और कमर की चर्बी अधिक हो जाती है।

धीरे-धीरे समय और उम्र के साथ शरीर पूरी तरह से चर्बी युक्त हो जाता है जिस कारण इंसान को चलने-फिरने में भी काफी दिक्कतें आती है साथ ही कई गंभीर बीमारीयों के शिकार होने का खतरा भी अधिक हो जाता है।

कई बार लोग नासमझी में डाइट के नाम पर भूखे रहते हैं, जिसका परिणाम सेहत के साथ खिलवाड़ होता है। भूखे रहने से शरीर को सिर्फ नुकसान ही होता है।

आज के भागदौड़ वाले जीवन में Motapa (Obesity) कम करने के लिए समय निकालना मुश्‍किल काम है। लेकिन इस बात को सदैव याद रखे Motapa (Obesity) धीरे-धीरे ही कम होता है। वजन कम करने के लिए शांति से काम लेना चाहिए।

अपनी खान-पान की आदतों में बदलाव और सुधार ही वजन कम करने का स्‍थायी व सही तरीका है अगर वजन घटाना है तो बार-बार खाने की आदत पर लगाम लगायें।

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जैसे-जैसे Motapa (Obesity) बढने लगता है शरीर में बीमारियों की दस्तक भी शुरू हो जाती है जैसे डायबी‍टीज, ब्लडप्रेशर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्टोन, कैंसर, अनिद्रा, जोडों और घुटनों में दर्द आदि समस्या शरीर पर हावी होना शुरू कर देती है।

Motapa (Obesity) कम करने के लिए या मोटापा अत्यधिक ना बढ़े उसके लिए हमें अपने Diet Plan को ध्यान में रखना चाहिए। Time पर खाना व डाइट संतुलित मात्रा में हो, इसका ध्यान रखे। डाइट में कैल्सियम, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइडेट की प्रचुर मात्रा सामिल हो।

हर व्यक्ति को प्रतिदिन 2500 प्रति कैलोरी डाइट लेनी चाहिए तभी हमारा शरीर स्वस्‍थ्‍य और छरहरा रहेगा। अपने डाइट चार्ट से अनहेल्‍दी फूड हटाकर कुछ ऐसी चीजें बढा़एं, जो स्वादिष्ट न हो लेकिन पोषक हो।

भोजन में सलाद, हरी और पत्तेदार सब्जियों का अधिक प्रयोग करें। साफ और स्वच्छ पानी ज्यादा से ज्यादा पियें।

मोटापा कम करने के घरेलु उपाय

हर दिन कम से कम 8 ग्लास पानी पीजिए, और आप जब भी पानी पीएं, आराम से पीएं. एक ही घूँट मे ना निगल जाएं। पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो Motapa (Obesity) कम करने में सहायता करते हैं।

शहद और नींबू एक साथ शरीर के Motapa (Obesity) को नियंत्रित करने के लिए अद्भुत काम करते हैं। गुनगुने पानी का गिलास लें, उस्मे शहद की एक चम्मच, नींबू के रस के 3 बड़े चमच और एक चुटकी पिसी हुई काली मिर्च डाल कर हिला ले। यह मिश्रण हर सुबह खाली पेट पीएं। आपका Motapa (Obesity) कुछ ही दिनों में कम होने लगेगा शहद और नींबू कई बर्षो से मोटापा कम करने का घरेलू उपाय के रूप में उपयोग किया जा रहा है |

Motapa (Obesity) कम करने की चाह रखने वाले लोगों के लिए ग्रीन टी बहुत फायदेमंद होती है। वजन घटाने के लिए हरी चाय एक और लोकप्रिय प्राकृतिक उपचार है। ग्रीन टी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो जिद्दी और कठोर वसा जलाती है। इसका सेवन रोज़ बिना चीनी डाले करें। ग्रीन टी में विशेष प्रकार के पोलीफेनॉल्स पाए जाते हैं जिससे शरीर में फैट बर्न करने में मदद मिलती है। हरी चाय विटामिन सी, कैरोटीन, जस्ता, सेलेनियम, क्रोमियम और खनिजों के रूप में पोषक तत्वों से भरपूर होती है। दैनिक दो से तीन कप हरी चाय के पीने से Motapa (Obesity) से निपटा जा सकता है।

क्या आपको पता है कि खीरे मे 90% पानी होता है? खीरे फाइबर समृद्ध और कोलेस्ट्रॉल मुक्त होते हैं। यह आपको ताज़ा रखते हैं, विषाक्त पदार्थों को शरीर से निकालते हैं एवं आपकी त्वचा में सुधार लाते हैं।

भोजन में गेहूं के आटे की रोटी बन्द करके जौ-चने के आटे की रोटी लेना शुरू करें, इससे सारे शरीर का Motapa (Obesity) कम हो जाएगा।

प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में 2 चम्मच शहद व नींबू का रस मिलाकर पीने से भी कुछ दिनों में Motapa (Obesity) कम होने लगता है। पतले होने के चक्कर में दूध और शुद्ध घी का सेवन बन्द न करें वरना शरीर में कमजोरी, रूखापन, वातविकार, जोड़ों में दर्द, गैस ट्रबल आदि होने की शिकायतें पैदा होने लगेंगी।

सेब और गाजर को बराबर मात्रा में कद्दूकस करके सुबह खाली पेट 200 ग्राम की मात्रा में खाने से Motapa (Obesity) कम होता है और स्फूर्ति व सुन्दरता बढ़ती है। इसके सेवन के 2 घंटे बाद तक कुछ नहीं खाना चाहिए।

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एक गिलास गर्म पानी प्रतिदिन सुबह-शाम भोजन के बाद पीने से शरीर की चर्बी कम होती है। इसके सेवन से चर्बी तो कम होती है साथ में गैस, कब्ज, कोलाइटिस (आंतों की सूजन), एमोबाइसिस और पेट के कीड़े भी नष्ट होते है।

100-150 ग्राम मूली के रस में नींबू का रस मिलाकर दिन में 2-3 बार पीने से Motapa (Obesity) कम होता है। मूली के चूर्ण को शहद में मिलाकर सेवन करने से भी मोटापा कुछ ही महीनों में दूर हो जाता है।

सौंफ के बीज वजन घटाने के लिए सर्वश्रेष्ठ हर्बल तरीकों में से एक हैं। भारी भोजन करने के 15-20 मिनट पहले एक कप सौंफ वाली चाय पी लें। यह आपकी भूख को रोकने में मदद करेगी। और यह पानी के प्रतिधारण को कम करके  जल्दी से Motapa (Obesity) कम करने में मदद करती हैं। मिश्री, मोटी हरी सौंफ और सुखा साबुत धनिया बराबर मात्रा में पीसकर रख लें। इस मिश्रण को एक चम्मच सुबह पानी के साथ लेने से अधिक चर्बी कम होकर Motapa (Obesity) दूर होता है।

पुदीना में Motapa (Obesity) विरोधी तत्व पाये जाते है। एक चम्मच पुदीना के रस में 2 चम्मच शहद मिलाकर लेने से मोटापा कम होता जाता है।

टमाटर भी तेज़ी से Motapa (Obesity) घटाने का बहुत ही अच्छा उपाय है। यदि आप लगभग 2 महीने तक सुबह नाश्ते मे सिर्फ़ 2 टमाटर खा ले तो निश्चित ही आपका वजन घट जाएगा। नियमित सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस दो-तीन महीने पीते रहने से शरीर की अतिरिक्त वसा में कमी आती है।

बारीक कटी हुई अदरक और एक नींबू को भी कई टुकड़ों में काट लें। अब दोनों को पानी में उबालें, इस पानी को सुहाता गरम पिएं। यह बहुत ही कारगर और बढिया उपाय है।

कम केलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। कम केलोरी का भोजन Motapa (Obesity) निवारण के लिए अनिवार्य है। भोजन में ऐसी चीजों को शामिल करें जिनमें नगण्य केलोरी हो जैसे कि- नींबू, अमरुद, अंगूर, सेव, खरबूजा, जामुन, पपीता, आम, संतरा, पाइनेपल, टमाटर, तरबूज, बैर, स्ट्राबेरी, पत्ता गोभी, फ़ूल गोभी, ब्रोकोली, प्याज, मेथी, मूली, पालक, शलजम, सौंफ़, लहसुन, भूने चने, मूंग दाल, दलिया, अंकुरित अनाज, छिलके वाली दाल, सलाद, दही आदि।

आलू, चावल, नमक और चीनी का सेवन कम करें। ग्रीन टी दिन में 2-3 बार पिएं। अधिक वसा युक्त भोजन से परहेज करें। तली व गली चीजें इस्तेमाल करने से चर्बी बढती है। वनस्पति घी शरीर के लिए हानिकारक है।

एक शोध के अनुसार काली या हरी मिर्च खाने से Motapa (Obesity) को आसानी से घटाया जा सकता है। मिर्च खाने से शरीर की उर्जा जल्दी खर्च होती है जिससे वजन नियंत्रित हो जाता है।

Motapa (Obesity) से मुक्ति का एक और बड़ा सरल उपाय यह है कि भोजन के तुरंत बाद पानी का सेवन न करें। भोजन करने के लगभग 1 घंटे के बाद ही पानी पिएं। इससे शरीर की चर्बी के साथ कमर और पेट का Motapa (Obesity) भी नहीं बढ़ता है।

तुलसी के कोमल और ताजे पत्ते को पीसकर दही के साथ बच्चों को सेवन कराने से अधिक चर्बी बनना कम होता है।

अजवायन, सेंधानमक, जीरा और कालीमिर्च सभी को 20 ग्राम की समान मात्रा में ले और कूटकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को प्रतिदिन सुबह खाली पेट छाछ के साथ पीने से शरीर की अधिक चर्बी नष्ट होती है।

करेले के रस में 1 नींबू का रस मिलाकर सुबह पीने से शरीर की चर्बी कम होती है। इसके अलावा चावल का गर्म-गर्म मांड लगातार कुछ दिनों तक सेवन करने से भी मोटापा दूर होता है।

सुबह उठकर शौच से निवृत्त होने के बाद कुछ आसनों का अभ्यास करें। अगर आप व्यायाम नही कर सकते तो प्रातःकाल 2-3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जायें।

भुजंगासन, शलभासन, उत्तानपादासन, सर्वागासऩ, हलासन, सूर्य नमस्कार आदि आसनों के अलावा आप साइकलिंग, जॉगिंग, सीढी़ चढ़ना-उतरना, रस्सी कूदना, टहलना, घूमना इस प्रकार के व्यायाम को भी नियमित रूप से कर के अपने वजन को घटा सकते है। सूखे मेवे, अलसी के बीज, ओलिव आईल में उच्चकोटि की वसा होती है, इनका संतुलित उपयोग उपकारी है।

शराब, सिगरेट, तनाव, फास्ड फुड, कोल्ड ड्रिंक, मांसाहारी भोजन आदि का सेवन बंद करने की आज से ही पहल करें। रेशे युक्त भोजन को खाने में शामिल करें। फलों और सब्जियों को छिलकों सहित खायें क्योंकि छिलकों में कई गुण होते है। चलते-फिरते खाने की आदत को छोड़ें। जो भी खायें भूख लगने पर ही खायें।

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चर्बी को कम करने का सबसे पहला नियम जो आयुर्वेद में है वह यह है भूख से कम ही भोजन का सेवन करें। भूख से कम खाना खाने से चर्बी नहीं बढ़ती और पाचन भी ठीक रहता है। कम भोजन करने से पेट में गैस नहीं बनती है।

मोटापा कम करना कठिन नहीं है बस आपको अपने खान-पान में थोड़ा बदलाव लाना होगा जिससे आप फिट हो जाओगे। अगर एक बार मोटापा बढ़ता है तो यह आसानी से घटता नहीं है जिस वजह से उम्र अधिक लगने के साथ-साथ अनेक बीमारीयां भी शरीर पर हावी हो जाती है।

आपको अपनी जीवन-शैली में एक छोटे से परिवर्तन की जरूरत है। इस परिवर्तन से आपकी चर्बी कम होगी साथ ही आपको मोटापे से मुक्ति भी मिल जाएगी। आप उपरोक्त उपायों की सहायता से अपने मोटापे और वजन को कम कर सकते है।

मोटापे का कारण जानने के लिए अपने डॉक्टर को ज़रूर दिखायें क्योंकि आपका मोटापा किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टर की सलाह के बाद अपने शरीर की क्षमता के आधार पर व्यायाम, आसन या ख़ान-पान में बदलाव लायें। हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। मोटापे से मुक्ति के लिए आप अपने चिकित्सक से परामर्श ज़रूर करे।

आभार : – AAIYE JAANTE HAI

मोटापे से जुड़े हैरान कर देने वाले आंकड़े

दुनिया भर में मोटापे से जुड़ी बीमारियों पर होने वाला सालाना खर्च साल 2025 तक 1,200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, अगर तेजी से बिगड़ते हालात पर पर काबू नहीं पाया जाता है.

विश्व मोटापा संघ (WOF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 तक दुनिया में कुल 2.7 अरब वयस्क अधिक वजन वाले या Motapa (Obesity) के शिकार होंगे. वहीं भारत में भी हालात बदतर होती जा रही है. India Spend में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के आधे से अधिक शहरी वयस्कों का Motapa (Obesity) मानकों से अधिक हैं.

विश्व मोटापा संघ (WOF) ने अपने अनुमान में कहा है कि कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक्स और मधुमेह जैसे रोग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे हैं जिसका अहम कारण Motapa (Obesity) और धूम्रपान है.

द गार्जियन ने WOF की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि अगर Motapa (Obesity) को रोकने के उपाय नहीं किए जाते हैं, तो अगले 8 सालों में अमेरिका में Motapa (Obesity) से जुड़ी बीमारियों के इलाज पर कुल 4,200 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे, जबकि जर्मनी 390 अरब डॉलर, ब्राजील 251 अरब डॉलर और ब्रिटेन 237 अरब डॉलर खर्च करेगा.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि

साल 2025 तक दुनिया में कुल 2.7 अरब वयस्क अधिक वजन वाले या Motapa (Obesity) के शिकार होंगे.

इनमें से ज्यादातर को इलाज की जरूरत होगी.

इसका मतलब यह है कि दुनिया की एक तिहाई आबादी अधिक वजन या Motapa (Obesity) का शिकार होगी.

भारत में क्या हैं हालात

India Spend में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में WHO एशियाई मानकों के मुताबिक

शहरी क्षेत्रों में 52 फीसदी पुरुषों और 59 फीसदी महिलाओं का वजन अधिक है.

राज्यों में राजस्थान में अधिक वजन वाले पुरुष (42.6 फीसदी) और पुडुचेरी में सबसे अधिक वजन वाली महिलाएं (59.8 फीसदी) हैं.

शहरी इलाकों में, पांच से कम उम्र के बच्चों में, 25 फीसदी कम वजन वाले थे, 29 फीसदी स्टंड थे और 16 फीसदी वेस्टेड ( कद के अनुसार कम वजन ) थे. हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों के बच्चों में कुपोषण कम है. लेकिन विकसित देशों की तुलना में यह अधिक है.

दूसरी ओर, भारत के शहरों के वयस्क मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और Motapa (Obesity) यानी ज्यादातर जीवनशैली के रोगों का सामना कर रहे हैं. तीन वयस्कों में से एक हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहा है. 4 में से 1 डायबिटीज और तीन में से 1 हाई कोलेस्ट्रॉल और Motapa (Obesity) का शिकार है.

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2 Comments on “मोटापा (Obesity) क्या है ? कारण, लक्षण और कम करने के उपाय | Motapa Obesity ? Causes, Symptoms and How to Reduce Obesity.”

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