Food Poisoning : Causes, Symptoms, & Treatment | फूड पॉइजनिंग के कारण, लक्षण और इलाज

Food Poisoning Causes, Symptoms, & Treatment फूड पॉइजनिंग के कारण, लक्षण और इलाज

Food Poisoning फूड पॉइजनिंग भोजन से उत्पन्न बीमारी को कहा जाता है। फूड पॉइजनिंग आमतौर पर दूषित भोजन करने से होता है। दूषित भोजन के माध्यम से शरीर में बैक्टीरिया, परजीवी और विभिन्न तरह के वायरस संक्रमण उत्पन्न कर देते हैं जिसके कारण फूड पॉइजनिंग होना सामान्य बात है। भोजन में संक्रमण (infection) फैलाने वाले जीव भोजन को तभी संक्रमित करते हैं जब भोजन को सही तरीके से पकाया न गया हो या जिस बर्तन में पकाया जा रहा हो वह साफ न हो। इसके अलावा हाथ साफ न होने एवं भोजन को खुला रखने पर भी सूक्ष्म जीव भोजन को संक्रमित कर देते हैं जिसके कारण वह भोजन दूषित हो जाता है और कोई व्यक्ति जब वह भोजन करता है तो उसे फूड पॉइजनिंग हो जाती है।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण, जो संदूषित भोजन खाने के कुछ ही घंटों के भीतर शुरू हो सकते हैं, ऐसे में अक्सर, उल्टियाँ या दस्त होना शामिल हैं। अक्सर, भोजन के जहर हल्का होता है और उपचार के बिना हल किया जाता है, लेकिन कुछ लोगों को अस्पताल भी जाना पड़ जाता है। इसके अलावा भी अन्य खतरे है जो कि Food Poisoning फूड पॉइजनिंग को बढ़ावा देता है जैसे की गर्मियों में सबसे ज्यादा खतरा लू और Dehydration से भी रहता है। फूड पाइजनिंग होने पर आपको जी-मिचलाना, उल्टी व दस्त की समस्या हो सकती है, जिसका उपचार समय रहते न किया जाए, तो इसके घातक परिणाम हो सकते हैं।

फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए प्रतिदिन पानी पिया करे, साफ सफाई का ख्याल रखे, भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं, भोजन हमेशा ताज़ा खाये, नाखुनो को छोटा रखे जिससे मैल नाखुनो में न फसे, सब्ज़िया और फलों को अच्छी तरह धो के ही खाएं, खाने पीने की वस्तुओं को हमेशा ढक कर रखे या फ्रिज में रखे, जिन लोगो को किसी विशेष तत्वों से एलर्जी हो वे उन वस्तुओं को खाने से परहेज करे, कई लोगो को आयरन, से एलर्जी रहती है जैसे पालक, एवं कई ओर हरी सब्ज़िया, इसके अलावा एलोवेरा से भी कई लोगो को एलर्जी रहती है जो लोग इसका सेवन कर रहे है या करने की सोच रहे है एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर कर ले क्योंकि इंसान के खाने लायक केवल 4 प्रकार के ही एलोवेरा होते है।

इसलिए, इस लेख में हम विषाक्त भोजन करने से होने वाली Food Poisoning फूड पॉइजनिंग के लक्षण, कारण और इसके घरेलू उपाय बताएंगे।

सबसे पहले जानते हैं कि फूड पाइजनिंग के क्या कारण हो सकते हैं।

विषय सूची | Table of Contents

फूड पॉइजनिंग के कारण – Causes of Food Poisoning Hindi

फूड पॉइजनिंग के कई कारण हो सकते है। फूड पॉइजनिंग अमूमन दूषित भोजन के कारण होता है। इस बीमारी को उत्पन्न करने में सूक्ष्म जीव(microorganisms) जिम्मेदार होते हैं। फूड पॉइजनिंग के कारण बहुत से लोगों की मौत भी हो जाती है। फूड पॉइजनिंग का संक्रमण तीन प्रकार के जीवों से फैलता है।

बैक्टीरिया : आमतौर पर बैक्‍टीरिया के कारण सबसे अधिक Food Poisoning फूड पॉइजनिंग की समस्या होती है। फूड पॉइजनिंग उत्पन्न करने में ई. कोलाई (E. coli), लिस्टेरिया(Listeria) और सालमोनेला (Salmonella) नाम के विभिन्न बैक्टीरिया जिम्मेदार होते हैं। इनमें से सालमोनेला बैक्टीरिया के कारण सबसे गंभीर फूड पॉइजनिंग की समस्या होती है। फूड पॉइजनिंग का सबसे आम कारण होता है सालमोनेला बैक्टीरिया। यह ज्यादातर अधपके नॉनवेज फूड में पाया जाता है, जैसे अंडा व चिकन आदि। वहीं, ई-कोलाई बैक्टीरिया से भी भोजन विषाक्तता हो सकती है। यह ज्यादातर सलाद में पाया जाता है। इसके अलावा, कैंफिलोबैक्टर और बोटुलिनम बैक्टीरिया भी इसका कारण बन सकते हैं। बीफ(beef) में 46 प्रतिशत ई कोलाई बैक्टीरिया, बीज और सब्जियों में 18 प्रतिशत सालमोनेला बैक्टीरिया और डेयरी प्रोडक्ट में 66 प्रतिशत केम्फिलोबैक्टर होता है जिन्हें खाने के बाद Food Poisoning फूड पॉइजनिंग की समस्या हो जाती है।

वायरस : Food Poisoning फूड पॉइजनिंग की समस्या वायरस के कारण भी होती है। नोरो वायरस(norovirus) जिसे नोरवॉक वायरस (Norwalk virus) भी कहते हैं, प्रति वर्ष फूड पॉइजनिंग के सबसे अधिक मामले इन्हीं वायरस के कारण होते हैं। कुछ दुर्लभ स्थितियों में ये वायरस बहुत घातक होते हैं। सैपो वायरस (Sapovirus) रोटावायरस, एस्ट्रो वायरस (astrovirus) भी इसी तरह के लक्षण उत्पन्न करते हैं जो कि आमतौर पर भोजन के माध्यम से ही शरीर में पहुंचते हैं। हर साल नोरोवायरस के कारण लाखों की संख्या में Food Poisoning फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आते हैं। इसके अलावा, सैपोवायरस, रोटावायरस और एस्ट्रोवायरस भी भोजन विषाक्तता का कारण बन सकते हैं। वहीं, हेपेटाइटिस ए वायरस भी खाने से फैलता है।

परजीवी : बैक्टीरिया की अपेक्षा परजीवियों के माध्यम से Food Poisoning फूड पॉइजनिंग कम होता है। लेकिन भोजन के माध्यम से पेट में पहुंचे परजीवी बहुत खतरनाक होते हैं। टोक्सोप्लाज्मा (Toxoplasma) एक ऐसा परजीवी है जिसके जरिए सबसे अधिक फूड पॉइजनिंग होती है। परजीवी हमारे शरीर के पाचन तंत्र (digestive tract) में मौजूद होते हैं जिसका पता हमें कई सालों तक नहीं चल पाता है। ये हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर बना देते हैं और इसलिए परजीवी युक्त भोजन करने से Food Poisoning फूड पॉइजनिंग हो जाती है। किसी-किसी मामलों में परजीवी के कारण भी फूड पॉइजनिंग की समस्या हो जाती है। परजीवी पाचन तंत्र में लंबे समय तक रह सकते हैं, जिन्हें पहचानना मुश्किल होता है। यह ज्यादातर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को प्रभावित करते हैं।

यह भी जाने :- 

हिमालय लिव 52 के फायदे और इसके उपयोग | Himalaya Live 52 Benefits and Uses

फूड पॉइजनिंग के लक्षण – Symptoms of Food Poisoning in Hindi

आमतौर पर फूड पॉइजनिंग के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि इंफेक्शन किस चीज से हुआ है। लेकिन इस समस्या के लक्षण दूषित भोजन (contaminated food) करने के कुछ ही घंटों बाद और अचानक दिखाई देने लगते हैं। Food Poisoning फूड पॉइजनिंग होने पर आपको अलग-अलग लक्षण नजर आ सकते हैं। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपको किस वजह से भोजन विषाक्तता हुई है। फूड पॉइजनिंग होने पर व्यक्ति को सबसे पहले उल्टी महसूस होती है। फिर भी फूड पॉइजनिंग के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, जो निम्न प्रकार हैं।

Food Poisoning Causes, Symptoms, & Treatment फूड पॉइजनिंग के कारण, लक्षण और इलाज
सामान्य लक्षण — Normal Symptoms
  • पेट में मरोड़ उठना और ऐंठन (cramps),
  • डायरिया (दस्त लगना)
  • बार-बार उल्टी आना
  • भूख न लगना,
  • हल्का बुखार या हरारत,
  • शरीर में कमज़ोरी महसूस होना,
  • हल्का सिरदर्द,
  • जी मिचलाना,
  • पेट के आस -पास सूजन आना,
  • एसिडिटी की समस्या।
अन्य गंभीर लक्षण — Major Symptoms
  • जब दस्त तीन दिनों से अधिक समय तक रहें तो समझ जाएं कि ये फूड प्वाइजनिंग हैं।
  • शरीर में कमज़ोरी के साथ-साथ जब आँखों से धुंधला दिखे या बोलने में कठिनाई महसूस हो।
  • 101.5 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक बुखार होने के साथ – साथ उल्टी आने पर फूड प्वाइजनिंग हो सकती हैं।
  • जब पूरा समय शुष्क मुंह हो और होंठ फटने लगें।
  • बार – बार मूत्र आना लेकिन पीले रंग का आए या मूत्र में खून जाए।

Food Poisoning फूड पॉइजनिंग होने पर इसके लक्षणों से व्यक्ति कई दिनों तक परेशान रह सकता है। जैसे फूड पॉइजनिंग के कारण उत्पन्न डायरिया तीन दिन से अधिक रह सकती है, बुखार 101.5° फारेनहाइट से अधिक हो सकता है और देखने एवं सुनने में कठिनाई हो सकती है। Food Poisoning फूड पॉइजनिंग के मुख्य लक्षणों में शरीर में गंभीर रूप से पानी की कमी हो जाना जिसके कारण मुंह सूखने और पेशाब न होने की भी समस्या हो सकती है।

फ़ूड पॉइजनिंग के निदान के लिए इस समस्या के लक्षण ही पर्याप्त होते हैं। लेकिन यदि व्यक्ति को कुछ दिनों से पतली डायरिया हो रही हो या इसमें खून आ रहा हो तो डॉक्टर समस्या के निदान के लिए मल की जांच (stool test) करके यह पता लगाते हैं कि Food Poisoning फूड पॉइजनिंग परजीवी के कारण है या बैक्‍टीरिया के कारण। कुछ मामलों में रोटा वायरस का पता लगाने के लिए विशेष (specific) टेस्ट कराया जाता है। इसके अलावा फूड पॉइजनिंग के निदान के लिए ब्लड टेस्ट भी किया जाता है और यदि Food Poisoning फूड पॉइजनिंग के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या उत्पन्न हो गई हो तो डॉक्टर मरीज को पेशाब की जांच (urine test) कराने की भी सलाह देते हैं।

यह भी जाने :- 

चिलगोज़ा के फायदे, नुकसान और खाने का तरीका।

फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय – Home Remedies for Food Poisoning in Hindi

फूड पॉइजनिंग का इलाज आमतौर पर घर पर ही किया जा सकता है और ज्यादातर यह 3 से 5 दिनों के अंदर ठीक भी हो जाता है। भले ही फूड पॉइजनिंग तकलीफदायक होती है, नीचे हम आपको फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय बता रहे हैं।

1. सेब का सिरका

सामग्री :

  • एक से दो चम्मच बिना फिल्टर किया सेब का सिरका
  • एक गिलास गुनगुना पानी

क्या करें?

  • एक गिलास गुनगुने पानी में दो चम्मच सेब का सिरका डालें।
  • इसे अच्छी तरह मिलाकर पी लें।

ऐसा कबकब करें?

बेहतर परिणाम के लिए आप दिन में दो से तीन बार इसे पिएं।

यह कैसे काम करता है?

सेब के सिरके में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ई-कोलाई बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं (। इसके अलावा, इसमें कई मिनरल्स और एंजाइम होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग के बाद आपके शरीर को ठीक करने में मदद करते हैं

2. नींबू का रस

सामग्री :

  • आधा नींबू
  • एक गिलास पानी
  • शहद (वैकल्पिक)

क्या करें?

  • एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ लें और इस पानी को पी लें। आप इसमें स्वाद के लिए शहद मिला सकते हैं।

ऐसा कबकब करें?

आप दिन में दो से तीन बार नींबू पानी पी सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

नींबू में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो आपके पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, फूड पॉइजनिंग का कारण बनने वाले विषाणुओं से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं

3. तुलसी

सामग्री :

● तुलसी के पत्ते
● शहद

क्या करें?

1. तुलसी के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें।
2. इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और पी लें।
3. इसके अलावा, आप एक कप पानी में तुलसी के तेल की एक बूंद भी डाल सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं।

ऐसा कबकब करें?

आप दिन में तीन से चार बार इसे पिएं।

यह कैसे काम करता है?

तुलसी में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग में राहत पहुंचाते हैं )। यह आपके पेट को भी आराम पहुंचाता है और फूड पॉइजनिंग के लक्षणों को दूर करता है। फूड पॉइजनिंग का यह उपाय काफी कारगर हो सकता है।

4. लहसुन

सामग्री :

  • लहसुन की दो से तीन छिली हुई कलियां

क्या करें?

  • आप लहसुन की कलियों को चबा लें।
  • आप लहसुन की कलियों में शहद मिलाकर भी खा सकते हैं।

ऐसा कबकब करें?

जब तक आराम न मिले, आप दिन में कम से कम एक बार इसका सेवन करें।

यह कैसे काम करता है?

लहसुन में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो खाने से हुए रोगों को दूर करने में मदद करते हैं

6. अदरक

सामग्री :

  • एक से दो इंच अदरक का टुकड़ा
  • एक कप पानी
  • थोड़ा-सा शहद

क्या करें?

  • एक पैन में पानी डालकर उसमें अदरक का टुकड़ा डालें और उबाल लें।
  • पांच मिनट अदरक को पानी में ही रहने दें, फिर पानी को छान लें।
  • अब इसे हल्का-सा ठंडा करें और फिर शहद मिलाकर तुरंत पी जाएं।
  • आप चाहें तो अदरक के टुकड़े को चबा भी सकते हैं।

ऐसा कबकब करें?

अदरक के इस पानी को आप दिन में कम से कम तीन बार पिएं।

यह कैसे काम करता है?

अदरक में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो खाने से हुई समस्या को ठीक करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, अदरक पाचन तंत्र ठीक करने में भी मदद करता है। वहीं, जब इसका इस्तेमाल शहद के साथ किया जाता है, तो इसके फायदे दोगुना हो जाते हैं । शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो आपको तेजी से फायदा पहुंचाते हैं। यह दोनों आपको उल्टी से भी राहत दिलाते हैं

7. एसेंशियल ऑयल

सामग्री :

  • ऑरेगैनो ऑयल
  • थोड़ा-सा पानी

क्या करें?

  • थोड़े-से पानी में एक बूंद ऑरेगैनो ऑयल डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण को पी लें।

ऐसा कबकब करें?

फर्क न पड़ने तक आप इसे दिन में एक से दो बार पी सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

ऑरेगैनो तेल में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग जैसी समस्या में राहत दिलाते हैं

यह भी जाने :- 

मोटापा (Obesity) क्या है ? कारण, लक्षण और कम करने के उपाय

7. विटामिनसी

सामग्री :

  • एक हजार एमजी विटामिन-सी के सप्लीमेंट

क्या करें?

आपको विटामिन-सी के अनुपूरक खाने होंगे।

ऐसा कबकब करें?

जब तक आराम न मिले, आप विटामिन-सी के सप्लीमेंट्स दिन में तीन से चार बार ले सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

विटामिन-सी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो आपके शरीर से बैक्टीरिया और टॉक्सिन दूर करने में मदद करते हैं (। यही कारण है कि विटामिन-सी फूड पॉइजनिंग होने पर काफी फायदा पहुंचाता हैं। अगर आप विटामिन-सी के सप्लीमेंट नहीं लेना चाहते, तो विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करें।

8. केला या सेब

सामग्री :

  • एक केला
  • एक कटोरी दही

क्या करें?

आप एक कटोरी दही में केले को मैश करके मिलाएं और इसे खा लें।

ऐसा कबकब करें?

आप दिन में दो बार केला और दही खा सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

केले में भरपूर मात्रा में पोटैशियम होता है। भोजन विषाक्तता के कारण होने वाले दस्त में केले और दही का मिश्रण काफी फायदा करता है। अगर आपको केला नहीं पसंद, तो आप सेब खा सकते हैं। यह हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स को कम करता है और फूड पॉइजनिंग में राहत दिलाता है

9. आंवला

सामग्री :

थोड़ा-सा आंवले का जूस
एक गिलास पानी

क्या करें?

आप थोड़े-से आंवले के रस को पानी में मिलाकर पी लें।

यह कैसे काम करता है?

फूड पॉइजनिंग के दौरान होने वाली जी-मिचलाने और उल्टी आने की समस्या से राहत दिलाने में आंवला आपको फायदा पहुंचा सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी होता है। यह पेट की समस्याओं को भी दूर करता है।

10. पानी

सामग्री :

पीने के लिए पानी

क्या करें?

फूड पॉइजनिंग होने पर आप भरपूर मात्रा में पानी पिएं। यह आपको हाइड्रेट रखेगा और आप में ऊर्जा भी लाएगा।

यह कैसे काम करता है?

जब फूड पॉइजनिंग में उल्टी, दस्त लगते हैं, तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है। अगर शरीर में पानी की कमी हुई, तो समस्या और बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप तरल पदार्थ का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। इसके अलावा, आप नारियल पानी भी पी सकते हैं।

Food Poisoning Causes, Symptoms, & Treatment फूड पॉइजनिंग के कारण, लक्षण और इलाज

फूड पॉइजनिंग में क्या खाना चाहिए? – Foods to Eat in Food Poisoning in Hindi

ऊपर हमने आपको फूड पॉइजनिंग के उपाय बताए, लेकिन इस दौरान आपको अपने खानपान का विशेष ध्यान रखने की भी जरूरत होती है। इसलिए, नीचे हम बता रहे हैं कि फूड पॉइजनिंग में क्या खाना चाहिए।

ज्यादा से ज्यादा तरल लें : अगर आपको विषाक्त भोजन से फूड पॉइजनिंग हो गई है, तो इस बात का ध्यान रखें कि आपके शरीर में पानी की कमी न होने पाए। इसके लिए आप ज्यादा से ज्यादा तरल चीजों का सेवन करें।

हल्का खाना खाएं : जब आपको लगे कि आपकी स्थिति में सुधार हो रहा है, तो तुरंत भारी खाना शुरू न करें। राहत मिलने के बाद आप बहुत हल्का भोजन करें। ऐसा खाना खाएं जिसे पचाना आसान हो। ऐसे में आप केला, अंडे का सफेद भाग, उबले हुए चावल व ओटमील अपने खाने में शामिल कर सकते हैं।

आइए, अब जानते हैं कि फूड पॉइजनिंग होने पर क्या नहीं खाना चाहिए।

यह भी जाने :-

पपीते के बीज खाने के स्वास्थ्य लाभ / Health Benefits of Eating PAPAYA Seeds

फूड पॉइजनिंग में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid in Food Poisoning in Hindi

इस समस्या के दौरान और इसके बाद आपका शरीर कमजोर हो जाता है। इस स्थिति में ऐसी कोई चीज नहीं खानी चाहिए, जो आपको नुकसान पहुंचाए। नीचे हम बता रहे हैं फूड पॉइजनिंग में क्या नहीं खाना चाहिए :

  • मसालेदार भोजन का सेवन न करें।
  • अधिक फाइबरयुक्त चीजें न खाएं।
  • डेयरी उत्पाद का सेवन न करें।
  • शराब और कैफीन से दूरी बनाएं।
  • इस दौरान तली हुई चीजें भी न खाएं।
  • ऐसी चीजों से दूर रहें, जिनमें वसा की मात्रा अधिक होती है।
  • फ्रिज में काफी समय से रखे हुए भोजन को खाने का जोखिम न उठाएँ। जब भी इस विषय में आपको शंका हो, तो खाने को फेंक दें।
  • मिचली से बचने के लिए और स्वयं को हाइड्रेटेड बनाए रखने के लिए बर्फ या बर्फ के क्यूब्स को चूसें।
  • बाहर का खाना ज्यादा खाने से परहेज करें।
  • अधिकांश फूड प्वाइजनिंग एनिमल प्रोडक्ट्स की वजह से होती है। यदि आप शुद्ध शाकाहारी हो जाएं अर्थात दूध एवं दुग्ध उत्पादों का सेवन भी बंद कर दें तो फूड प्वाइजनिंग की संभावना नगण्य हो जाएगी।

डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

यदि आप फूड पॉइजनिंग को ठीक करने के लिए दवाएं खाना चाहते हैं तो इमोडिएम (Imodium) और पेप्टो-बिस्मोल (Pepto-Bismol) डायरिया और जी मिचलाने की समस्या को नियंत्रित करने में सहायक होता है। इन दवाओं का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। यदि फूड पॉइजनिंग के दौरान नीचे बताए गए लक्षण नजर आएं, तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें :

  • अगर आपको बार-बार उल्टी आए।
  • आप जो भी कुछ खा रहे हैं या पी रहे हैं, उसके तुरंत बाद उल्टी हो जाए।
  • अगर आपको लगातार तीन दिन से दस्त लग रहे हैं।
  • अगर आपको पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा है।
  • अगर आपको तेज बुखार होने लगे।

फूड पॉइजनिंग के लिए कुछ और टिप्स – Other tips for Food Poisoning in Hindi

फूड पॉइजनिंग का इलाज आमतौर पर घर पर ही किया जा सकता है और ज्यादातर यह 3 से 5 दिनों के अंदर ठीक भी हो जाता है।

फूड पॉइजनिंग की समस्या होने पर लगातार शरीर को हाइड्रेट करते रहना जरूरी होता है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और ऐसा करने से कुछ दिनों में यह समस्या ठीक हो जाती है।

फूड पॉइजनिंग न हो, इसके लिए आपको कुछ बातों पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। नीचे हम आपको कुछ खास टिप्स दे रहे हैं, जो इस बीमारी से आपको बचाएंगे:

  • स्पोर्ट्स ड्रिंक में उच्च मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट होता है जिसका सेवन फूड पॉइजनिंग के उपचार में बहुत प्रभावी (effective) होता है।
  • इसके अलावा फलों के रस और नारियल पानी का भी सेवन किया जा सकता है। इसमें पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट होता है जो फूड पॉइजनिंग के कारण उत्पन्न थकान को दूर करता है।
  • फ़ूड पॉइजनिंग होने पर कुछ जड़ी बूटियां कैमोमाइल (chamomile), पिपरमिंट और डंडेलियॉन का चाय पीने पर पेट को राहत मिलती है। खराब पेट को ठीक करने के लिए यह एक बेहतर उपाय है।
  • फूड पॉइजनिंग होने पर पर्याप्त आराम करने से भी राहत (relief) मिलती है।
  • आप जब भी कुछ खाना बनाएं या खाएं, अपने हाथों को अच्छी तरह धोएं, ताकि हाथ पर मौजूद कीटाणु आपके अंदर न जा सकें।
  • फल और सब्जियों को हमेशा अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
  • नॉनवेज खाना जैसे, मीट व अंडे आदि को अच्छी तरह पकाएं। कभी भी अधपका न खाएं।
  • रात का बचा हुआ खाना खाने से परहेज करें।
  • बने हुए खाने को ज्यादा देर बाहर न रखें। बनाने के दो घंटे के भीतर उसे फ्रीज में रख दें।
  • जिस जगह पर आपको संदेह हो कि वहां खाना बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा गया है, ऐसी जगह पर खाने से बचें।

फूड पाइजनिंग ऐसी स्थिति है, जिसका समय रहते इलाज न किया गया, तो यह घातक साबित हो सकती है। इस स्थिति में आप यहां बताए गए किसी भी उपाय का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर इसके बाद भी आराम नहीं आता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उम्मीद है इनमें से कोई न कोई फूड पाइजनिंग का उपाय आपके काम आएगा। आपने कौन-सा उपाय अपनाया, नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ शेयर जरूर करें।

About creativecorners99

नमस्कार दोस्तों, www.creativecorners99.com पर आपका हार्दिक स्वागत है। Creativecorners99.com साईट का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगो को रोचक जानकारियां उपलब्ध कराना है। इस साईट पर आप लोगो को धार्मिक, राजनितिक, स्वस्थ्य सम्बन्धी टिप्स, टेक्निकल टिप्स, मोबाइल्स और उससे सम्बंधित ऐप्स और सॉफ्टवर्स की जानकारियां, ब्लॉगिंग से जुडी जानकारियां, बिज़नेस आइडियास, विश्व स्तर की रोचक जानकारियां आसानी से मिलती रहेंगी। इतना ही नहीं आप भी इस साईट पर अपने ज्ञान का योगदान दे सकते हैं, Guest Post के जरिये। धन्यवाद

View all posts by creativecorners99 →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *